आपके दबंग सप्लाई इंस्पेक्टर से शासन-प्रशासन की मंशा हो रही धूलधूसरित

वैश्विक बीमारी कोरोना से जहां एक तरफ शासन-प्रशासन के साथ जनता परेशान है तो वहीं दूसरी तरफ यमुनापार क्षेत्र के उरुवा विकास खंड में तैनात सप्लाई इंस्पेक्टर दिनेश पासी से कोटेदार त्रस्त हैं। कोटेदारों से प्रतिमाह तीन से पांच हजार रुपये जबरिया वसूली करने वाला सप्लाई इंस्पेक्टर कोटेदारों से आये दिन मारपीट करना और उन्हें एससी-एसटी एक्ट की धमकी देना आम बात हो गया है। गुरुवार दोपहर 11 बजे सप्लाई इंस्पेक्टर जेरा गांव की कोटेदार श्रीमती इंद्रावती देवी पत्नी कृष्ण कुमार दुबे के घर में जबरिया घुस गया। घर की महिलाओं से अभद्रतापूर्ण व्यवहार करने लगा। इंद्रावती देवी ने चब विरोध किया तो वह सारी मर्यादाएं भूल पास में पड़े डंडे से वार करते हुए धमकी दिया कि ज्यादा बकवास करोगे तो एससी-एसटी एक्ट में फंसा दूंगा।
सप्लाई इंस्पेक्टर के इस कृत्य से उरुवा के नब्बे फीसदी कोटेदारों ने शुक्रवार को पास मशीनों को लाक कर अपना विरोध शुरु कर दिया है। एक तरफ कोरोना वायरस और लाकडाऊन से बचाने के लिए मुख्यमंत्री ने गरीब जनता को जहां नि:शुल्क खाद्यान्न बांटने का आदेश जारी किया है तो वहीं सप्लाई इंस्पेक्टर उरुवा अपने अवैध वसूली को परवान चढ़ाने के लिए शासन व प्रशासन की मंशा पर फेरने का कार्य कर रहा है। 
इस समस्या के निदान के लिए कोटेदारों ने एफसीआई के सलाहकार सदस्य चंद्र मोहन सिंह को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है।
चंद्र मोहन सिंह ने मामले को संज्ञान में लेते हुए तत्काल कमिश्नर प्रयागराज, एडीएम सप्लाई प्रयागराज व एसडीएम मेजा से वार्ता कर तत्काल जांचवाद कार्रवाही की मांग की है।इसी क्रम में  प्रमुख सचिव खाद्य उत्तर प्रदेश निवेदिता वर्मा से फोन पर वार्ता कर चंद्र मोहन सिंह ने स्थिति से अवगत कराते हुए तत्काल कार्रवाई किये जाने को कहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को सप्लाई इंस्पेक्टर पुलिस बल के साथ जेरा गांव पहुंच खाद्यान्नों का गोदाम चेक किया। मौके पर तराजू के साथ ही मानक मात्रा में खाद्यान्न न पाये जाने और कालाबाजारी का आरोप कोटेदार पर लगाया।