कोरोना के अलावा रक्त की कमी और भीड़ से जूझ रही है महाराष्ट्र सरकार

कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए पूरे महाराष्ट्र में कर्फ्यू लगाने के बावजूद महाराष्ट्र सरकार के सामने सड़कों पर लोगों की भीड़ और ब्लड बैंक में रक्त की कमी संकट के तौर पर खड़ा है.


राज्य में रोज कोरोना वायरस के संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ रही है तो लोग अपील करने के बावजूद अपने घरों में रहने के बजाय घूमने और मस्ती करने के लिए सड़कों पर आ रहे हैं. राज्य में किसी भी इलाके में सब्जी की किल्लत नहीं है. फिर भी मुंबई, कल्याण और अहमदनगर में सब्जी की दूकानों में लोगों की भीड़़ दिख रही है जिससे राज्य सरकार की चिंता बढ़ गई है.


इधर संक्रमित लोगों के इलाज के लिए रक्त की कमी भी महसूस की जा रही है. इसलिए राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे और उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने लोगों से रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की है.


मुख्यमंत्री ने कहा कि लालबागचा राजा संस्था ने रक्तदान शिविर की शुरुआत की है. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि रक्तदान करने से कोरोना वायरस का खतरा नहीं है. लोग किसी भी रक्तदान शिविर में जाकर रक्दान कर सकते हैं. इसके लिए छोटी-छोटी टीम में रक्तदान शिविर में जाएं. बीएमसी ने भी रक्तदान के लिए सर्कुलर जारी किया है.


मंगलवार को कोरोना वायरस से पीड़ित मुंबई में 5 और अहमदनगर में एक रोगी मिले हैं जिसके बाद महाराष्ट्र में कोरोना वायरस से संक्रमित रोगियों की संख्या 107 हो गई है. इनमें से दो रोगी आईयूसी में हैं और बाकी सामान्य हैं. इसके अलावा दुबई प्रवास से मुंबई आए 65 वर्षीय एक और रोगी की मृत्यु हो जाने से महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के संक्रमण से मरने वालों की संख्या 4 तक पहुंच गई है. लेकिन इलाज कराने वाले 15 मरीजों की निगेटिव रिपोर्ट भी आई है जो सकारात्मक संकेत है.



 


स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि अगर लोग घरों में रहें और सोशल डिस्टेंस मेंटेन करें तो कोरोना वायरस के खिलाफ जंग जीतना आसान हो सकता है. उन्होंने कहा कि कल गुढ़ी पाडवा है और चैत्र नवरात्र शुरू हो रही है. इस मौके पर लोग घर में रहने का संकल्प लें.


दूसरी तरफ राज्य के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कहा है कि अगर लोग घर में नहीं रहते हैं तो भीड़ का हिस्सा बनने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने लोगों से यह भी अपील की है कि विदेशों से आने वाले लोगों की जानकारी प्रशासन को दें.


महाराष्ट्र के जिलों और राज्य की सीमाओँ को सील करने के बावजूद लोग सड़कों पर अपनी गाड़ियों पर दिख रहे हैं. कर्फ्यू में जीवनाश्यक वस्तुओं, आवश्यक सेवाओँ और मेडिकल चिकित्सा सहित कई चीजों में छूट देने के बावजूद राज्य में कई डाक्टरों ने ओपीडी बंद कर दिए हैं. स्वास्थ्य मंत्री ने उनसे अपील की है कि वे ओपीडी बंद न करें और लोगों का इलाज करें. स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक महात्मा ज्योतिबा फुले योजना के तहत राज्य के एक हजार अस्पतालों में कोरोना वायरस से संक्रमित रोगियों के लिए इलाज की सुविधाएं हैं.


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